🔱 सोमवार है महादेव को समर्पित — हर हर महादेव! 🕉️🙏 हिंदू धर्म में सोमवार का दिन देवों के देव भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पावन दिन भक्तजन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करते हैं तथा “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप कर महादेव से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। 🌿🔱 मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होते हैं। महादेव की आराधना मन को शांति देती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। सोमवार के दिन शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करना, बेलपत्र अर्पित करना और श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का स्मरण करना विशेष महत्व रखता है। 🙏 ✨ महादेव से करें प्रार्थना: हे भोलेनाथ, हमारे जीवन से सभी नकारात्मक शक्तियों और परेशानियों को दूर करें। हमारे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें, सभी को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रखें तथा हर कठिन परिस्थिति में सही मार्ग दिखाएं। 🔱 आज सोमवार के इस पावन अवसर पर कुछ समय भगवान शिव के चरणों में समर्पित करें और पूरे विश्वास के साथ कहें— 🕉️ ॐ नमः शिवाय 🔱 हर हर महादेव 🔱 महादेव की कृपा आप और आपके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहे। 🙏❤️ हर हर महादेव! 🚩🔱 #Somwar #SomwarSpecial #Mahadev #Bholenath #LordShiva #ShivJi #OmNamahShivay #HarHarMahadev #ShivBhakti #MahadevBlessings #Monday #Shiva #ShivShankar #BholeBaba #SanatanDharma #MahadevStatus #Shivratri #Bhakti #HinduDharma
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को उनके पसंदीदा फूल चढ़ाएं, प्रसन्न होंगे महादेव – Offer your favorite flowers to lord shiva on mahashivratri, Mahadev will be happy
ब्रह्मांड के प्रथम तत्व कहे जाने वाले भगवान शिव कण कण में व्याप्त हैं। शिव अमर हैं और अविनाशी भी हैं। देवों के देव कहलाने वाले भगवान शिव ही सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति माने गए हैं। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है और शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन शिव और मां पार्वती का गठबंधन हुआ था। इस दिन लोग सच्चे मन से भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करते हैं। भगवान शिव भोले भंडारी हैं, वो भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करते समय आप भोलेनाथ के प्रिय फूलों को अर्पित करेंगे तो भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होकर आपको आशीर्वाद जरूर देंगे। चलिए जानते हैं कि भगवान शंकर को कौन कौन से फूल पसंद हैं। * भगवान शिव को पसंद हैं ये फूल, पूजा में करें इस्तेमाल: – भगवान शिव को पांच तरह के फूल पसंद हैं और इनको पंच पुष्प कहा गया है। ऐसे में इस महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा करते समय लोटे में जल लेकर और दूसरे हाथ में उनके पसंदीदा फूल लेकर पूजा करेंगे तो भोलेनाथ आपके घर परिवार पर कृपा बरसाएंगे। भगवान शिव को कनेर का फूल पसंद है। कनेर का फूल तीन रंगों में आता है। लाल, पीला और सफेद. भक्त सोमवार के व्रत, सावन के व्रत और प्रदोष व्रत में इस फूल को भगवान शंकर की पूजा में इस्तेमाल करते हैं। – धतूरे का फूल भगवान शिव को बेहद प्रिय है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय इस फूल की उत्पत्ति भगवान शिव की छाती से हुई थी जब वो विषपान कर रहे थे। इसलिए कहा जाता है कि शिवलिंग पर धतूरे के फूल को अर्पित करने से मन में विष रूपी ईर्ष्या और द्वेष समाप्त हो जाते हैं। – भोलेनाथ को मदार का फूल बहुत प्यारा है। ये फूल नीले और सफेद रंग में खिलता है। इसे आंकड़े का फूल और आक का फूल भी कहते हैं। शिव की पूजा के समय सफेद मदार के फूल का प्रयोग किया जाता है। कहते हैं कि पूजा के समय इस फूल को चढ़ाया जाए तो भगवान शिव मोक्ष का वरदान देते हैं। – शमी का फूल भी भोले भंडारी को बहुत पसंद है। ये फूल पीले और गुलाबी रंग में आता है। अक्सर लोगों को शिव की पूजा के लिए घर में ही शमी का पेड़ लगाते हुए देखा जाता है। इस फूल को अर्पित करने से महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं। – भगवान शिव को सुगंधित पारिजात के फूल भी काफी प्रिय हैं। इसे हरसिंगार के फूल के नाम से भी जाना जाता है और ये दिखने में बहुत ही खूबसूरत हैं। कहते हैं कि धरती पर पहले ये पेड़ नहीं था और भगवान कृष्ण इसे स्वर्ग से धरती पर लाए थे। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को उनके पसंदीदा फूल चढ़ाएं, प्रसन्न होंगे महादेव – Offer your favorite flowers to lord shiva on mahashivratri, Mahadev will be happy
जानिए महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए। Know what should be offered to shivalinga during the worship of mahashivratri
हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। शिव भक्त फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करते है। मान्यता है महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जीवन में कोई कष्ट नही रहता है। इस व्रत को करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। * दूध से अभिषेक: महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है। शिवलिंग का दूध से रुद्राभिषेक करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। * जल चढ़ाना: महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ होता है। ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग को जल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती है। * बेलपत्र: भगवान शंकर को तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। शिवरात्रि के दिन पूजा के समय शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाले बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इन्हें 11, 21 की तरह शुभ अंकों में चढ़ाने से लाभ होगा। * लाल केसर: महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को लाल केसर से तिलक लगाएं। इससे जीवन में सौम्यता आती है और मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं। * शहद: महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग पर शहद का लेप करने से वाणि को मधुरता मिलती है। इससे जीवन में राग और द्वेष कम होते हैं। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है।) जानिए महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए। Know what should be offered to shivling during the worship of mahashivratri
जानिए महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त और महादेव के पूजन की विधि के बारे में – Know about the time of worship of mahashivratri and the method of worshiping mahadev
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित यह त्योहार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विधि पूर्वक विवाह करवाया जाता है। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के साथ ही उनका अभिषेक, रुद्राभिषेक करने का भी विधान होता है। ऐसे में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने का शुभ समय क्या है, जानें यहां। * महाशिवरात्रि 2024 पर बन रहे चार प्रहर मुहूर्त: हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 8 मार्च को संध्याकाल 9:57 पर महाशिवरात्रि शुरू होगी और इसका समापन 9 मार्च को शाम 6:17 पर होगा। भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए उदया तिथि देखना जरूरी नहीं होता है। इस साल महाशिवरात्रि का व्रत 8 मार्च 2024 को रखा जाएगा, भगवान शिव की पूजा के लिए चार प्रहर मुहूर्त शुभ है- – पहला रात्रि प्रहार मुहूर्त शाम 6:25 से लेकर रात 9:28 तक रहेगा। – दूसरा प्रहर पूजन का समय रात 9:28 से लेकर 12:31 तक रहेगा। – तीसरा प्रहर पूजन देर रात 12:31 से लेकर सुबह 3:34 तक है। – चौथा और आखिरी प्रहर पूजन का समय सुबह 3:34 से लेकर सुबह 6:37 तक रहेगा। * ऐसे करें महाशिवरात्रि का पूजन: महाशिवरात्रि का पूजन करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 5:15 से लेकर 6:06 मिनट तक है, इस समय उठकर आप स्नान आदि कर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करें, व्रत का संकल्प लें। इसके बाद अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:13 से लेकर दोपहर 12:58 तक रहेगा। इस दौरान आप भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सकते हैं। कहते हैं इस दिन भगवान भोलेनाथ को पंचामृत से स्नान करना चाहिए, इसके साथ ही केसर के आठ लोटे जल उन्हें चढ़ाना चाहिए। पूरी रात भगवान शिव के समक्ष दीपक जलाना चाहिए और चंदन का तिलक लगाकर बेलपत्र, भांग, धतूरा, यह सारी चीज भगवान भोलेनाथ को चढ़ानी चाहिए। शिवरात्रि के मौके पर भगवान भोलेनाथ को केसर की खीर का भोग लगाया जाता है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है।) जानिए महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त और महादेव के पूजन की विधि के बारे में – Know about the time of worship of mahashivratri and the method of worshiping mahadev
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर ये चीजें चढ़ाने से आपको महादेव की कृपा प्राप्त होगी। By offering these things on shivling on the day of pradosh fast, you will get the blessings of mahadev
हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह की त्रयोदशी तिथि भगवान शंकर की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन प्रदोष का व्रत रखकर प्रदोष काल में भगवान शंकर की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर भगवान शंकर की प्रिय चीजें चढ़ाने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं भगवान शंकर की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष के दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए। # शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं: * बेलपत्र: भगवान शंकर की पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। प्रदोष के व्रत के दिन भगवान शंकर को बेलपत्र जरूर चढ़ाना चाहिए। प्रदोष व्रत की पूजा शाम को की जाती है। शाम के समय शिव भगवान की पूजा में बेलपत्र के साथ-साथ मदार के फूले, धूप-दीप अर्पित करने चाहिए। * अर्पित करें ये चीजें: प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर आक के फूल, धूप दीप, घी, शहद, दूध, दही और गंगाजल अर्पित करना अत्यंत शुभ फल वाला होता है। इस व्रत के दिन भगवान शिव को घी शक्कर और गेहूं के आटे से बना भोग अर्पित करने से भक्तों को आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है। * भूल कर भी ये न चढ़ाएं: भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग पर भूलकर भी सिंदूर, हल्दी और तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। ये चीजें भगवान शंकर की पूजा में वर्जित मानी जाती हैं। * माता पार्वती की पूजा: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। इससे दांपत्य जीवन सुखमय होती है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है।) प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर ये चीजें चढ़ाने से आपको महादेव की कृपा प्राप्त होगी। By offering these things on shivling on the day of pradosh fast, you will get the blessings of mahadev
शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे – Shivji tere dwar hum bhi ayenge
शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे गंगाजल से आपको हम नहलायेंगे जनम जनम का प्यासा ये मन तेरे शरण में ही आयेंगे हम हम दीवाने हो गये है आपके हर साँस में तेरे गुण गायेंगे बोलो बोलो बम बम तेरे मिट जाये गम दुःख दूर रहेंगे तुझसे जनम जनम शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे गंगाजल से आपको हम नहलायेंगे शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे – Shivji tere dwar hum bhi ayenge