यह मंदिर भगवान शिव शंकर जी का मंदिर हैं, जोकि कई साल पुराना है. यह भारत के उत्तराखंड केदारनाथ में मंदाकिनी नदी के पास गढ़वाल हिमालयी सीमा पर स्थित है. यह ऋषिकेश से 221 किलोमीटर की दूरी पर है. यह भगवान शिव की 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं. मौसम अच्छा नहीं होने के कारण मंदिर केवल अप्रैल के अंत से नवंबर के बीच तक खुलता है. इस अवधि में भगवान शिव के दर्शन करने एवं उनसे आशीर्वाद लेने के लिए दूर – दराज के लोग यहाँ आते हैं. इस मंदिर के पास में बहने वाली मंदाकिनी नदी एवं बर्फ की चादर ओढ़े हुए पहाड़ों के रूप में यहाँ का दृश्य बहुत ही शानदार है. केदारनाथ के इस शांत वातावरण एवं अदभुत दृश्य को देखकर लोग इसकी ओर आकर्षित हो जाते है. मानो किसी ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया हो. सर्दियों के दौरान, केदारनाथ मंदिर से देवताओं को उखीमठ लाया जाता है और वहां 6 महीने तक पूजा की जाती है. केदारनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा ‘केदार खंड के भगवान’ के रूप में की जाती है. यह एक ऐतिहासिक नाम है, जोकि सदियों से चला आ रहा है. यह मंदिर विशेष रूप से हिन्दुओं के लिए सबसे प्रमुख तीर्थस्थानों में से एक है.
केदारनाथ मंदिर का इतिहास || History of kedarnath temple
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- Post published:April 14, 2022
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