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जानिए महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए। Know what should be offered to shivalinga during the worship of mahashivratri

Hinduism

हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। शिव भक्त फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करते है। मान्यता है महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जीवन में कोई कष्ट नही रहता है। इस व्रत को करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।  * दूध से अभिषेक:  महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है। शिवलिंग का दूध से रुद्राभिषेक करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। * जल चढ़ाना:  महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ होता है। ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग को जल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती है। * बेलपत्र:  भगवान शंकर को तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। शिवरात्रि के दिन पूजा के समय शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाले बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इन्हें 11, 21 की तरह शुभ अंकों में चढ़ाने से लाभ होगा। * लाल केसर:  महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को लाल केसर से तिलक लगाएं। इससे जीवन में सौम्यता आती है और मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं। * शहद:  महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग पर शहद का लेप करने से वाणि को मधुरता मिलती है। इससे जीवन में राग और द्वेष कम होते हैं। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है।)   जानिए महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए। Know what should be offered to shivling during the worship of mahashivratri

February 20, 2024 / 0 Comments
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जानिए महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त और महादेव के पूजन की विधि के बारे में – Know about the time of worship of mahashivratri and the method of worshiping mahadev

Hinduism

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित यह त्योहार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विधि पूर्वक विवाह करवाया जाता है। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के साथ ही उनका अभिषेक, रुद्राभिषेक करने का भी विधान होता है। ऐसे में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने का शुभ समय क्या है, जानें यहां। * महाशिवरात्रि 2024 पर बन रहे चार प्रहर मुहूर्त: हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 8 मार्च को संध्याकाल 9:57 पर महाशिवरात्रि शुरू होगी और इसका समापन 9 मार्च को शाम 6:17 पर होगा। भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए उदया तिथि देखना जरूरी नहीं होता है। इस साल महाशिवरात्रि का व्रत 8 मार्च 2024 को रखा जाएगा, भगवान शिव की पूजा के लिए चार प्रहर मुहूर्त शुभ है- – पहला रात्रि प्रहार मुहूर्त शाम 6:25 से लेकर रात 9:28 तक रहेगा। – दूसरा प्रहर पूजन का समय रात 9:28 से लेकर 12:31 तक रहेगा। – तीसरा प्रहर पूजन देर रात 12:31 से लेकर सुबह 3:34 तक है। – चौथा और आखिरी प्रहर पूजन का समय सुबह 3:34 से लेकर सुबह 6:37 तक रहेगा। * ऐसे करें महाशिवरात्रि का पूजन: महाशिवरात्रि का पूजन करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 5:15 से लेकर 6:06 मिनट तक है, इस समय उठकर आप स्नान आदि कर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करें, व्रत का संकल्प लें। इसके बाद अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:13 से लेकर दोपहर 12:58 तक रहेगा। इस दौरान आप भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सकते हैं। कहते हैं इस दिन भगवान भोलेनाथ को पंचामृत से स्नान करना चाहिए, इसके साथ ही केसर के आठ लोटे जल उन्हें चढ़ाना चाहिए। पूरी रात भगवान शिव के समक्ष दीपक जलाना चाहिए और चंदन का तिलक लगाकर बेलपत्र, भांग, धतूरा, यह सारी चीज भगवान भोलेनाथ को चढ़ानी चाहिए। शिवरात्रि के मौके पर भगवान भोलेनाथ को केसर की खीर का भोग लगाया जाता है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है।)   जानिए महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त और महादेव के पूजन की विधि के बारे में – Know about the time of worship of mahashivratri and the method of worshiping mahadev

February 18, 2024 / 0 Comments
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