सतगुर बंदी छोड़ है – Satgur bandi chhor hai

You are currently viewing सतगुर बंदी छोड़ है – Satgur bandi chhor hai
सतगुर बंदी छोड़ है - Satgur bandi chhor hai

सतगुर बंदी छोड़ है,
बंदी छोड़ है, बंदी छोड़ है
जीवन मुकत करे ओडीणा
बंदी छोड़ है, बंदी छोड़ है
सतगुर बंदी छोड़ है..

सतगुर पारस परसिअै,
कंचन करै मनूर मलीणा
सतगुर बावन चंदनों,
वास् सुवास करै लाखीणा
सतगुर बंदी छोड़ है..

सतगुर पूरा पारिजात,
सिमंलल् सफल करै संग लीणा
मान सरोवर सतगुरु,
कागहु हंस जलहु दुध पीणा
सतगुर बंदी छोड़ है..

गुर तीर्थ दरियाओ है,
पसू प्रेत करै परबीणा
सतगुर बंदी छोड़ है
जीवन मुकत करे ओडीणा
गुरमुख मन अपतीज पतीणा
सतगुर बंदी छोड़ है..

 

सतगुर बंदी छोड़ है – Satgur bandi chhor hai