राजस्थान राज्य के अजमेर में स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यह दरगाह, पिंकसिटी जयपुर से करीब 135 किलोमीटर दूर, चारों तरफ अरावली की पहाड़ियों से घिरे...
• महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर थे। वे बुद्ध के बाद भारतीय गास्तिक आचार्यों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। महावीर का जन्म 540 बी.सी.ई में वैशाली के कुण्डाग्राम में हुआ था। • महावीर...
* बौद्ध धर्म ईश्वर और आत्मा को नहीं मानता है । इस बात को हम भारत के धर्मों के इतिहास में क्रांति कह सकते हैं । बौद्ध धर्म शुरू में दार्शनिक वाद-विवादों के जंजाल में फँसा नहीं था इसलिए यह सामान्य लोगों...
जैन धर्म सहित्यिक रूप से बहुत धनी था। अनेक धार्मिक ग्रंथ लिखे गए हैं। ये ग्रंथ संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश भाषाओं में लिखे गए थे । केवल ज्ञान, मनपर्यव ज्ञानी, अवधि ज्ञानी, चतुर्दशपूर्व के धारक तथा...
ईसाई धर्म को क्रिश्चियन धर्म भी कहते हैं। इस धर्म के संस्थापक प्रभु ईसा मसीह है। ईसा मसीह को पहले से चले आ रहे प्रॉफेट की परंपरा का एक प्रॉफेट माना जाता हैं। इब्रानी में उन्हें येशु, यीशु या येशुआ...
धार्मिक सरलता ● यह कहना अनुचित नहीं कि भारत में बौद्धधर्म का उदय एक धार्मिक क्रांति के फलस्वरूप था वह धार्मिक क्रांति वैदिक धर्म के कर्मकाण्डों और पुरोहितों के प्रभाव के विरुद्ध हुई थी। जिस समय...
इस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है जो अल्लाह की तरफ़ से अंतिम रसूल और नबी, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. द्वारा इंसानों तक पहुंचाई गई अंतिम ईश्वरीय किताब (क़ुरआन) की शिक्षा पर स्थापित है। इस्लाम शब्द का...
(1) बौद्ध संघों में भ्रष्टाचार का प्रवेश – महात्मा बुद्ध की मृत्यु के उपरान्त । आचार-विचार को शुद्ध रखने के नियम धीरे-धीरे शिथिल हो गए और बौद्ध भिक्षुओं में भ्रष्टाचार उत्पन्न हो गया। अत: लोग...
महात्मा बुद्ध ने प्राचीन काल में बौद्ध धर्म प्रचार मौखिक रूप से ही किया था इसके पश्चात उनके शिष्य ने भी उनके धर्म का प्रचार किया था बाद में उनके शिष्यों ने महात्मा बुध के धर्म प्रचार के मुख्य बातों को...