माता ज्वाला जी मंदिर का इतिहास

माता ज्वाला जी मंदिर का इतिहास हिन्दू लोग अपने सभी देवी देवताओं की पूजा बहुत ही श्रद्धा और विधि विधान से करते हैं । यह पर स्थित हर मंदिर की अपनी एक कहानी और अपना इतिहास है आज में आपको एक ऐसे ही एक...

भगत कबीर जी का जन्म और इतिहास – Birth and History of Bhagat Kabir Ji

भगत कबीर जी का जन्म और इतिहास भगत कबीर एक भक्त थे और आध्यात्मिक कवि उत्तर परदेश, भारत में रहते थे। वह एक सख्त एकेश्वरवादी और अनुयायी थे, शायद गुरमत के संस्थापक। गुरु ग्रंथ साहिब में 17 रागों में 227...

श्री कृष्ण जी की जन्म कहानी

श्री कृष्ण जी की जन्म कहानी श्रीकृष्ण, हिन्दू धर्म में भगवान हैं। वे विष्णु के 8वें अवतार माने गए हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता है।...

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा

॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥ भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान...

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वर:!  गुरु शाक्षात परंब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:!! कर्ता करे न कर सके, गुरु करे सो होय! तीन लोक नो खंड में, गुरु से बड़ा न कोय!! गुरु गोविंद दोनों खड़े...

हनुमान जी का जन्म की कहानी – story of birth of hanuman ji

हनुमान जी का जन्म ज्योतिषीयों की गणना के अनुसार बजरंगबली जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में हुआ था। हनुमानजी के पिता सुमेरू पर्वत के वानरराज राजा केसरी थे...

भगवान श्रीराम की कथा और इतिहास – Story and history of Lord Shri Ram

भगवान श्रीराम की कथा और इतिहास प्रभु श्री राम प्राचीन भारत में अवतरित हुए भगवान हैं। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से भगवान श्रीराम सातवें नंबर पर थे। रामायण ग्रंथ में प्रभु श्रीराम के...

माता चिंतपूर्णी जी का इतिहास

माता चिन्तपूर्णी का मन्दिर हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं की भूमि है। प्रदेश के कोने-कोने में बहुत से प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं, लेकिन ऊना जिला में स्थित प्रसिद्ध धर्मिक स्थल चिन्तपूर्णी काअपनी ही महत्व है।...

खाटू श्याम बाबा जी की कहानी

खाटू श्याम बाबा जी की कहानी हिन्दू धर्म के अनुसार, खाटू श्याम जी ने द्वापरयुग में श्री कृष्ण से वरदान प्राप्त किया था कि वे कलयुग में उनके नाम श्याम से पूजे जाएँगे। श्री कृष्ण बर्बरीक के महान बलिदान...