स्टाकना मठ का इतिहास – History of stakna monastery

स्टाकना मठ, जिसे स्टाकना गोम्पा के नाम से भी जाना जाता है, भारत के लद्दाख में एक उल्लेखनीय बौद्ध मठ है, जो अपने उल्लेखनीय इतिहास और आश्चर्यजनक वास्तुकला के लिए जाना जाता है। स्टैकना मठ, लद्दाख के...

श्री रविदास चालीसा – Shri ravidas chalisa

॥ दोहा ॥   बंदौं वीणा पाणि को, देहु आय मोहिं ज्ञान। पाय बुद्धि रविदास को, करौं चरित्र बखान॥ मातु की महिमा अमित है, लिखि न सकत है दास। ताते आयों शरण में, पुरवहु जन की आस॥   ॥ चौपाई ॥  ...

याकूब को इसहाक का आशीर्वाद मिलने की कहानी – Story of jacob gets isaac’s blessing

जैकब द्वारा इसहाक का आशीर्वाद प्राप्त करने की कहानी उत्पत्ति की पुस्तक में पाए जाने वाले बाइबिल कथा में एक महत्वपूर्ण प्रकरण है, विशेष रूप से उत्पत्ति 27 में। यह एसाव के लिए इच्छित पैतृक आशीर्वाद...

राजा मनश्शे के पश्चाताप की कहानी – Story of king manasseh repentance

कहानी का उल्लेख बाइबिल के पुराने नियम में, विशेष रूप से 2 क्रॉनिकल्स और 2 किंग्स की पुस्तक में किया गया है। मनश्शे को उसकी दुष्टता और उसके बाद के पश्चाताप के लिए जाना जाता है, जिससे उसकी कहानी भगवान...

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है – Mera aapki kripa se sab kaam ho raha hai

मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है हैरान है ज़माना, मंजिल भी मिल रही है करता नहीं मैं कुछ भी, सब काम हो रहा है तुम साथ हो...

पितरों को प्रसन्न करने के लिए मोनी अमावस्या के दिन करें ये चार उपाय – To please the ancestors, do these four measures on the day of mauni amavasya

हिंदू पंचांग के अनुसार हर तिथि का अपना एक विशेष महत्व होता है। ठीक इसी तरह हिन्दू पंचांग के मुताबिक 12 अमावस्या की तिथि पड़ती हैं जो हर महीने कृष्ण पक्ष में आती हैं। आपको बता दें की अमावस्या तिथि...

ज़हीर मस्जिद का इतिहास – History of zahir mosque

ज़हीर मस्जिद, अलोर सेटर, केदाह, मलेशिया में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। इसका इतिहास क्षेत्र की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को दर्शाता है।  ज़हीर मस्जिद आधिकारिक तौर पर 1915 में...

फेनसांग मठ का इतिहास – History of phensang monastery

फेनसांग मठ भारत के सिक्किम में स्थित एक महत्वपूर्ण बौद्ध मठ है। यह क्षेत्र के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  फेंसांग मठ की स्थापना 1721 में जिग्मे पावो के समय...

लड्डू गोपाल को सुलाने से पहले जरूर करें ये काम, इससे घर में सुख-समृद्धि आएगी। Do this work before putting laddu gopal to sleep, this will bring happiness and prosperity in the house

श्रीकृष्ण के बहुत सारे भक्त उनके बाल स्वरूप लड्‌डू गोपाल की पूजा और सेवा करते हैं। लड्‌डू गोपाल की पूजा के साथ-साथ बच्चे की तरह देखभाल भी की जाती है। उनके पूजा की विधि में देखभाल भी शामिल होता है।...