जैन धर्म का इतिहास

जैन धर्म का इतिहास जैन मत भारत की श्रमण परम्परा से निकला प्राचीन मत और दर्शन है। जैन अर्थात् कर्मों का नाश करनेवाले 'जिन भगवान' के अनुयायी। सिन्धु घाटी से…

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तीर्थंकरों के नाम और कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां || Names of tirthankaras and some important information

जैन धर्म में कुल 24 तीर्थकर हुए। इनमें ऋषभदेव पहले तीर्थंकर एवं महावीर अंतिम तीर्थंकर थे। ऋग्वेद में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव तथा 22वें तीर्थंकर अरिष्ठनमि का उल्लेख मिलता है। ऋषभदेव…

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महावीर स्वामी का जीवन परिचय || Biography of mahavir swami

• महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर थे। वे बुद्ध के बाद भारतीय गास्तिक आचार्यों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। महावीर का जन्म 540 बी.सी.ई में वैशाली के…

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जैन धर्म के ग्रंथ || Scriptures of jainism

जैन धर्म सहित्यिक रूप से बहुत धनी था। अनेक धार्मिक ग्रंथ लिखे गए हैं। ये ग्रंथ संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश भाषाओं में लिखे गए थे । केवल ज्ञान, मनपर्यव ज्ञानी, अवधि ज्ञानी,…

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जैन धर्म के उदय के कारण || Reasons for the rise of jainism

जैन धर्म हालाँकि प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है पर इस धर्म का उदय महावीर स्वामी के बाद हुआ। इसके अनेक कारण थे। इस दौरान अनेक राजनीतिक, सामाजिक,…

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जैन धर्म का इतिहास || History of jainism

जैन धर्म को भारत के प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है। जैन ग्रंथों के अनुसार यह धर्म अनंतकाल से माना जाता रहा है, हालाँकि यह जनमानस में बड़े…

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